झारखंड एयर एम्बुलेंस क्रैश का रहस्य: आखिर क्यों पायलट ने नहीं दिया 'Mayday' सिग्नल?
झारखंड के चतरा में क्रैश हुई एयर एम्बुलेंस की जांच में बड़ा खुलासा। पायलट ने खराब मौसम के लिए रास्ता बदलने की अनुमति तो मांगी, लेकिन कोई 'Mayday' कॉल नहीं दी। जानें पूरी रिपोर्ट।
रांची/चतरा | 25 फरवरी, 2026 झारखंड के चतरा जिले में सोमवार रात को हुई दर्दनाक एयर एम्बुलेंस दुर्घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हादसे में 41 वर्षीय मरीज संजय कुमार और दो पायलटों समेत कुल 7 लोगों की मौत हो गई। लेकिन इस पूरी घटना में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि क्रैश से ठीक पहले विमान के कॉकपिट से कोई भी 'Mayday' (आपातकालीन) सिग्नल या संकट का संदेश (Distress Call) नहीं भेजा गया था।
क्या हुआ था उस काली रात को?
रेडबर्ड एयरवेज (Redbird Airways) द्वारा संचालित Beechcraft C90 (VT-AJV) विमान ने सोमवार शाम 7:11 बजे रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी। विमान में एक गंभीर रूप से झुलसे हुए मरीज को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाया जा रहा था।
-
शाम 7:30 बजे: पायलट ने खराब मौसम (Thunderstorm) के कारण रास्ते में बदलाव (Deviation) की अनुमति मांगी।
-
शाम 7:34 बजे: कोलकाता ATC के साथ आखिरी संपर्क हुआ। पायलट ने 14,000 फीट की ऊंचाई पर बने रहने की बात कही।
-
ठीक 4 मिनट बाद: विमान रडार से गायब हो गया। हैरानी की बात यह है कि इन 4 मिनटों के दौरान पायलट ने किसी भी तरह की तकनीकी खराबी या इंजन फेल होने का संकेत नहीं दिया।
जांच के घेरे में 'साइलेंट क्रैश'
विमानन विशेषज्ञों के अनुसार, जब कोई विमान बिना किसी संकट संदेश के अचानक रडार से गायब हो जाता है, तो इसके पीछे कुछ प्रमुख कारण हो सकते हैं:
-
बिजली का गिरना (Lightning Strike): चतरा के जंगलों में उस वक्त भारी बारिश और बिजली कड़क रही थी। विशेषज्ञों का मानना है कि आसमानी बिजली गिरने से विमान के ट्रांसपोंडर और इलेक्ट्रिकल सिस्टम ने तुरंत काम करना बंद कर दिया होगा, जिससे पायलट को संदेश भेजने का मौका ही नहीं मिला।
-
स्पेशियल डिसओरिएंटेशन (Spatial Disorientation): घने बादलों और रात के अंधेरे में पायलट को दिशा का सही अंदाजा न होना।
-
क्युमुलोनिम्बस बादल (Cumulonimbus Clouds): रांची मौसम केंद्र ने पहले ही चेतावनी जारी की थी। ये बादल इतने खतरनाक होते हैं कि छोटे विमानों के ढांचे को चंद सेकंड में क्षतिग्रस्त कर सकते हैं।
मृतकों की पहचान
चतरा पुलिस और जिला प्रशासन ने मलबे से सभी 7 शव बरामद कर लिए हैं। मृतकों में शामिल हैं:
-
कैप्टन विवेक विकास भगत (पायलट)
-
कैप्टन सवराजदीप सिंह (को-पायलट)
-
संजय कुमार (मरीज)
-
डॉ. विकास कुमार गुप्ता (चिकित्सक)
-
अर्चना देवी (मरीज की पत्नी) और दो अन्य रिश्तेदार।
AAIB की जांच शुरू
Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) की टीम दुर्घटनास्थल पर पहुंच चुकी है। विमान का 'ब्लैक बॉक्स' (Black Box) और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर तलाशने की कोशिश की जा रही है। इस जांच में यह देखा जाएगा कि क्या खराब मौसम के बावजूद उड़ान भरने की अनुमति दी गई थी और क्या विमान में कोई पहले से तकनीकी खराबी थी।





