दिल्ली एयरपोर्ट पर स्पाइसजेट की इमरजेंसी लैंडिंग: हवा में फेल हुआ इंजन, 150 यात्रियों की अटकी सांसें!

दिल्ली से लेह जा रही स्पाइसजेट की फ्लाइट SG121 का इंजन टेकऑफ के तुरंत बाद फेल हो गया। जानें कैसे पायलट ने 150 यात्रियों की जान बचाई और दिल्ली एयरपोर्ट पर क्या हुआ।

दिल्ली एयरपोर्ट पर स्पाइसजेट की इमरजेंसी लैंडिंग: हवा में फेल हुआ इंजन, 150 यात्रियों की अटकी सांसें!
दिल्ली एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टला!

मंगलवार की सुबह दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब लेह जाने वाली स्पाइसजेट (SpiceJet) की एक फ्लाइट का इंजन हवा में ही बंद हो गया। विमान में करीब 150 यात्री सवार थे, जिनकी जान उस वक्त खतरे में पड़ गई जब टेकऑफ के कुछ ही मिनटों बाद विमान के दूसरे नंबर के इंजन ने काम करना बंद कर दिया।

क्या है पूरा मामला?

स्पाइसजेट की फ्लाइट SG121 ने सुबह करीब 6:08 बजे दिल्ली से लेह के लिए उड़ान भरी थी। अभी विमान ने पूरी ऊंचाई भी नहीं पकड़ी थी कि पायलटों को इंजन नंबर-2 में तकनीकी खराबी का संकेत मिला। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पायलट ने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संपर्क किया और 'Mayday' कॉल जारी की।

एयरपोर्ट पर 'फुल इमरजेंसी' घोषित

विमान के वापस लौटने की सूचना मिलते ही IGI एयरपोर्ट पर 'फुल इमरजेंसी' (Full Emergency) लागू कर दी गई।

  • रनवे के पास फायर टेंडर और एंबुलेंस तैनात कर दी गईं।

  • सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत अन्य उड़ानों को थोड़ी देर के लिए रोका गया ताकि प्रभावित विमान को प्राथमिकता दी जा सके।

  • सुबह करीब 6:49 बजे, विमान सुरक्षित रूप से रनवे पर उतर गया।

यात्रियों का क्या हुआ?

स्पाइसजेट के प्रवक्ता ने एक आधिकारिक बयान में कहा:

"24 फरवरी को दिल्ली से लेह जा रही फ्लाइट तकनीकी खराबी के कारण दिल्ली लौट आई। विमान ने सुरक्षित लैंडिंग की और सभी यात्रियों को सामान्य रूप से उतार लिया गया। कॉकपिट में आग लगने की कोई चेतावनी नहीं थी।"

विमान से उतरने के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली। एयरलाइन ने यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की है और विमान को तकनीकी जांच के लिए भेज दिया गया है।

बार-बार उठते सुरक्षा पर सवाल

यह पहली बार नहीं है जब स्पाइसजेट के विमानों में ऐसी तकनीकी समस्या आई है। हाल के महीनों में विमानन नियामक (DGCA) ने एयरलाइन की सुरक्षा व्यवस्था पर कड़ी नज़र रखी है। आज की घटना ने एक बार फिर भारत में एविएशन सुरक्षा (Aviation Safety) और विमानों के रखरखाव पर नई बहस छेड़ दी है।