भारत-मलेशिया संबंधों में नया सवेरा: PM मोदी की 2026 की पहली विदेश यात्रा के प्रमुख अंश

पीएम नरेंद्र मोदी की मलेशिया यात्रा की पूरी इनसाइड स्टोरी। जानें जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण पर क्या बातचीत हुई, रक्षा क्षेत्र में कौन से बड़े समझौते हुए और मलेशिया में UPI के आने से क्या बदलेगा।

भारत-मलेशिया संबंधों में नया सवेरा: PM मोदी की 2026 की पहली विदेश यात्रा के प्रमुख अंश
भारत-मलेशिया संबंधों में नया सवेरा

कुआलालंपुर: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फरवरी 2026 की मलेशिया यात्रा को दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति के सबसे महत्वपूर्ण मील के पत्थर के रूप में देखा जा रहा है। दो दिवसीय इस आधिकारिक दौरे के दौरान कुआलालंपुर में कूटनीति, तकनीक और सुरक्षा का एक अनूठा संगम देखने को मिला। प्रधानमंत्री मोदी और मलेशियाई पीएम अनवर इब्राहिम के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता ने न केवल आर्थिक रिश्तों को नई दिशा दी, बल्कि दशकों पुराने सुरक्षा मुद्दों पर भी गंभीर मंथन किया।


द्विपक्षीय वार्ता: व्यक्तिगत केमिस्ट्री और कूटनीति

यात्रा की शुरुआत पीएम मोदी के भव्य स्वागत के साथ हुई। विशेष रूप से, पीएम अनवर इब्राहिम ने खुद कार चलाकर प्रधानमंत्री मोदी को सरकारी आवास तक पहुँचाया, जिसे अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में 'पर्सनल टच' माना जाता है।

दोनों नेताओं के बीच 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' (Comprehensive Strategic Partnership) को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी। वार्ता के दौरान व्यापार घाटे को कम करने और द्विपक्षीय व्यापार में स्थानीय मुद्राओं (INR और MYR) के उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।


 जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण पर बढ़ा दबाव

इस यात्रा का सबसे संवेदनशील और चर्चित मुद्दा भगोड़े इस्लामिक प्रचारक जाकिर नाइक का रहा। भारत ने आधिकारिक तौर पर मलेशियाई नेतृत्व के सामने नाइक के प्रत्यर्पण की मांग को मजबूती से दोहराया।

  • भारत का पक्ष: भारत ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद और कट्टरवाद के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति होनी चाहिए। जांच एजेंसियों द्वारा जुटाए गए नए सबूत मलेशियाई गृह मंत्रालय को सौंपे गए।

  • मलेशिया का रुख: पीएम अनवर इब्राहिम ने आश्वासन दिया कि मलेशिया अपनी धरती का उपयोग किसी भी देश के खिलाफ नफरत फैलाने के लिए नहीं होने देगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार दोनों देशों के बीच कानूनी प्रक्रियाओं को तेज करने पर एक गुप्त सहमति बनी है।


 रक्षा सहयोग: सुखोई और समुद्री सुरक्षा

रक्षा क्षेत्र में भारत और मलेशिया के बीच एक अभूतपूर्व समझौता हुआ है। चूंकि दोनों देशों की वायुसेना सुखोई (Su-30) लड़ाकू विमानों का उपयोग करती है, इसलिए भारत ने मलेशिया को इन विमानों के रखरखाव, मरम्मत और ओवरहॉल (MRO) के लिए एक क्षेत्रीय केंद्र बनाने की पेशकश की है।

साथ ही, दक्षिण चीन सागर में चीन की बढ़ती आक्रामकता को देखते हुए दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा और 'फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक' के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया। भारत ने मलेशिया को तेजस फाइटर जेट और ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली में भी रुचि दिखाने के लिए आमंत्रित किया।


 डिजिटल क्रांति: मलेशिया में UPI की दस्तक

भारत की सबसे बड़ी कूटनीतिक जीत डिजिटल क्षेत्र में रही। प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की कि UPI (Unified Payments Interface) अब जल्द ही मलेशिया में पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा।

  • फायदा: इससे मलेशिया में रहने वाले 30 लाख से अधिक भारतीय प्रवासियों और हर साल वहां जाने वाले लाखों भारतीय पर्यटकों को सीधे अपने बैंक खाते से भुगतान करने की सुविधा मिलेगी।

  • सेमीकंडक्टर: भारत और मलेशिया ने सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम बनाने के लिए हाथ मिलाया है, जिससे भविष्य की तकनीकी जरूरतों के लिए सप्लाई चेन में चीन पर निर्भरता कम की जा सके।


 भारतीय समुदाय का संबोधन: "भारत का गौरव"

कुआलालंपुर के विशाल स्टेडियम में हजारों की संख्या में मौजूद भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने उन्हें भारत का 'सांस्कृतिक दूत' बताया। उन्होंने कहा कि "आज का भारत चुनौतियों से डरता नहीं, बल्कि उनका समाधान करता है।" मोदी ने मलेशियाई तमिल समुदाय के योगदान की सराहना की और घोषणा की कि भारत सरकार उनके कल्याण के लिए विशेष सांस्कृतिक विनिमय कार्यक्रम शुरू करेगी।


यात्रा के मुख्य परिणाम: एक नजर में

क्षेत्र प्रमुख समझौते / परिणाम
सुरक्षा जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण पर उच्च स्तरीय वार्ता।
डिजिटल मलेशिया में UPI और डिजिटल भुगतान की शुरुआत।
रक्षा सुखोई विमानों के रखरखाव के लिए तकनीकी सहयोग।
व्यापार स्थानीय मुद्रा (INR-MYR) में व्यापार करने की योजना।
ऊर्जा ग्रीन हाइड्रोजन और रिन्यूएबल एनर्जी में निवेश।

प्रधानमंत्री मोदी ने न केवल व्यापार और सुरक्षा पर बात की, बल्कि 'सॉफ्ट पावर' के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने एक दिलचस्प किस्सा साझा करते हुए कहा:

"मलेशिया में भारतीय फिल्में और संगीत केवल पसंद नहीं किए जाते, वे हमारे दिलों को जोड़ते हैं। प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम का हिंदी गीतों के प्रति प्रेम इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। जब उन्होंने भारत में गाना गाया, तो वह वायरल हो गया और आज पूरा भारत उनकी गायकी का प्रशंसक है।"