गोरखपुर यूनिवर्सिटी को एडुरैंक में मिला 118वां स्थान:183 देशों की 14131 यूनिवर्सिटीज ने किया था प्रतिभाग, 33 रिसर्च सब्जेक्ट्स में DDU टॉप-50 में शामिल
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर यूनिवर्सिटी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एडुरैंक वर्ल्ड रैंकिंग 2024 में देशभर में 118वां स्थान प्राप्त किया है। इससे पहले साल 2023 में यूनिवर्सिटी को 131वां स्थान मिला था। प्रतिष्ठित एडुरैंक वर्ल्ड रैंकिंग में दुनियाभर के 183 देशों के 14,131 यूनिवर्सिटीज का एक स्वतंत्र मीट्रिक के आधार पर मूल्यांकन किया जाता है। एडुरैंक ने 246 रिसर्च सब्जेक्ट्स में यूनिवर्सिटीज की रैंकिंग करने के लिए 9,83,02,198 वैज्ञानिक प्रकाशन और 2,14,95,12,106 रेफरेंस के साथ दुनिया के सबसे बड़े शोध पत्रों के डेटाबेस का प्रयोग किया जाता है। गैर-शैक्षणिक क्षेत्रों की प्राथमिकता भी मायने रखती है ओवर ऑल रैंकिंग में गैर-शैक्षणिक क्षेत्रों की प्राथमिकता और एल्युमिनाई की लोकप्रियता को भी जोड़ा जाता है। एडुरैंक रैंकिंग में अनुसंधान और शोध में प्रदर्शन को 45 फीसदी, गैर-शैक्षणिक क्षेत्रों की उपलब्धियों को 45 फीसदी और एल्युमिनाई के स्कोर को 10 फीसदी मिलाकर टोटल स्कोर बनाया जाता है। 33 रिसर्च सब्जेक्ट्स में DDU टॉप-50 में शामिल रहा 2024 की रैंकिंग में यूनिवर्सिटी भारत में 118वें और एशिया में 1116वें स्थान पर है। इसके साथ ही DDU ने 33 रिसर्च सब्जेक्ट्स में टॉप-50 में स्कोर किया है। यूनिवर्सिटी की इस उपलब्धि पर कुलपति प्रो.पूनम टंडन ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि इससे साबित होता है कि एकेडमिक उत्कृष्टता, अनुसंधान और इनोवेशन्स के लिए हुए प्रयासों के सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं। VC ने इसके लिए फैकल्टी मेंबर्स, स्टॉफ और स्टूडेंट्स को बधाई दी है।
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर यूनिवर्सिटी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एडुरैंक वर्ल्ड रैंकिंग 2024 में देशभर में 118वां स्थान प्राप्त किया है। इससे पहले साल 2023 में यूनिवर्सिटी को 131वां स्थान मिला था। प्रतिष्ठित एडुरैंक वर्ल्ड रैंकिंग में दुनियाभर के 183 देशों के 14,131 यूनिवर्सिटीज का एक स्वतंत्र मीट्रिक के आधार पर मूल्यांकन किया जाता है।
एडुरैंक ने 246 रिसर्च सब्जेक्ट्स में यूनिवर्सिटीज की रैंकिंग करने के लिए 9,83,02,198 वैज्ञानिक प्रकाशन और 2,14,95,12,106 रेफरेंस के साथ दुनिया के सबसे बड़े शोध पत्रों के डेटाबेस का प्रयोग किया जाता है।
गैर-शैक्षणिक क्षेत्रों की प्राथमिकता भी मायने रखती है
ओवर ऑल रैंकिंग में गैर-शैक्षणिक क्षेत्रों की प्राथमिकता और एल्युमिनाई की लोकप्रियता को भी जोड़ा जाता है। एडुरैंक रैंकिंग में अनुसंधान और शोध में प्रदर्शन को 45 फीसदी, गैर-शैक्षणिक क्षेत्रों की उपलब्धियों को 45 फीसदी और एल्युमिनाई के स्कोर को 10 फीसदी मिलाकर टोटल स्कोर बनाया जाता है।
33 रिसर्च सब्जेक्ट्स में DDU टॉप-50 में शामिल रहा
2024 की रैंकिंग में यूनिवर्सिटी भारत में 118वें और एशिया में 1116वें स्थान पर है। इसके साथ ही DDU ने 33 रिसर्च सब्जेक्ट्स में टॉप-50 में स्कोर किया है। यूनिवर्सिटी की इस उपलब्धि पर कुलपति प्रो.पूनम टंडन ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि इससे साबित होता है कि एकेडमिक उत्कृष्टता, अनुसंधान और इनोवेशन्स के लिए हुए प्रयासों के सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं। VC ने इसके लिए फैकल्टी मेंबर्स, स्टॉफ और स्टूडेंट्स को बधाई दी है।
Source:-https://www.bhaskar.com/





